बंदरगाहों पर लदान एवं उतार के प्लेटफार्म आरसीसी के बर्थ/जेट्टी या आरसीसी प्लेटफार्म होते हैं जो सभी लदान एवं उतार उपकरणों से सुसज्जित होते हैं जहाँ जहाजों से माल लदान और उतार के कार्य का संचालन होता है |
वर्तमान में बंदरगाहों पर मशीनीकरण की प्रक्रिया में जिस पद्धति का पालन होता है वह है हार्बर मोबाइल क्रेन (HMC) की तैनाती जिससे खुले/ढीले माल को उतारने जैसे आयातित कोयला तथा नॉन-कोकिंग कोल इत्यादि जहाजों से जेट्टी तक तथा जेट्टी से उसका परिवहन ट्रकों से इंट्रा पोर्ट विभिन्न लदान केन्द्रों तक होता है | लदान केन्द्रों पर वैगनों पर लदान साधारणतया लोडर्स द्वारा भुगतान पर किया जाता है | इसी कारण से संपूर्ण प्रक्रिया में काफी समय निकल जाता है जिससे माल संचालन की संपूर्ण क्षमता में बड़ी कमी हो जाती है | इन परेशानियों को सुलझाने तथा मौजूदा माल संचालन व्यवस्था की दक्षता को सुधारने के लिए आवश्यक है कि बर्थिंग प्लेटफार्म का मशीनीकरण हो जिससे जहाजों से आयातित माल जैसे कोकिंग एवं नॉन कोल, लाइम स्टोन, फ्लक्स सामग्री इत्यादि को उतारने के लिए ऊंची क्षमता वाले जहाज लोडर्स का उपयोग हो और माल कन्वेयर बेल्टों द्वारा लोडिंग पॉइंट तक पहुँच सके |
ऐसे उद्योगों पर नज़र रखकर जिनमें कोकिंग कोल, थर्मल कोल, लाइम स्टोन एवं डोलोमाइट का स्टील एवं थर्मल पॉवर प्लांट के लिए इस्तेमाल होता है एवं इन दो बड़े उद्योगों की निर्भरता आयातित माल सामानों पर होती है कुछ बंदरगाह जैसे पारादीप पोर्ट, दीनदयाल पोर्ट अपने बर्थस की मशीनीकरण प्रक्रिया में लगे हैं जिससे लोडिंग/अनलोडिंग मशीनों के नियोजन द्वारा उनकी टर्मिनल क्षमता 20 MMT तक बढ़ सके |
साधारनतया मशीनीकरण के लिए आवश्यक उपकरणों को नीचे दर्शाया गया है –
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क्र. |
उपकरण |
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ट्रैक हॉपर |
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बेल्ट फीडर |
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इन कमिंग कन्वेयर – अंडर ग्राउंड |
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इन कमिंग कन्वेयर – ओवर ग्राउंड |
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इन कमिंग सेकंड कन्वेयर |
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स्टॉक यार्ड एवं डिस्पैच कन्वेयर |
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स्टैकर रिक्लेमर |
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रिक्लेमर |
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शिप लोडर |
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HMC क्रेन |
टिप्पणी – उपरोक्त सभी उपकरणों की क्षमता 4000-6500 TPH है जिससे 30 MTPA टर्मिनल की उपरी आवश्यकता पूरी हो सके | इस रिपोर्ट के उद्देश्य से हमने उपरोक्त सभी उपकरणों की आवश्यकताओं पर विचार किया है |